“मैं डा० अशोक वार्ष्णेय जी को तब से जानता हूँ जब वह बिहार झारखंड के प्रान्त प्रचारक हुआ करते थे । मैं उनसे बहुत प्रभावित हूँ । उनके द्वारा किए गए कार्य और आचरण मुझे आज भी स्मरण है ।उन्होंने उस समय जिस कार्य को परिणाम तक पहुँचाया था उसके कारण आज भी वो मेरे हृदय में एक अमिट छाप के रूप में स्थापित हैं । मैं उनको मन से पसंद करता हूँ । उनके जैसे सामाजिक जीवन में कार्य करने वाला विरले ही होते हैं ।आज जो विषय उन्होंने हम सबको करने के लिए बताया है उसके लिये हम सब उनका स्वागत करें और एक बार ज़ोरदार ताली से स्वागत करें ।”
ये उद्गार प्रसिद्ध जैन संत मुनि प्रमाण सागर जी महाराज के हैं जिन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हमारे डा० अशोक जी के लिए अंतर्मन से प्रकट किया । इस पूरे कार्यक्रम को आप यूट्यूब पर भी देख सकते हैं ।
https://www.youtube.com/live/349B7NQfm9A?si=dquE7EBhWoejBA0S


