आरोग्य भारती काशी प्रांत सूचना पटल🩺📰
स्वस्थ जीवन शैली ही दीर्घायु होने की कुंजी है। यदि हम अपने जीवन में नियमित योग, प्राणायाम, ध्यान एवं आहार विहार का पालन करते हैं तो हम निरोगी रहने के साथ ही लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। उक्त उद्गार आरोग्य भारती विंध्याचल जिला द्वारा आयोजित जीवेम शरदः शतम विषयक संगोष्ठी में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय जी भाई साहब ने व्यक्त किया। अपने संबोधन में डॉ अशोक वार्ष्णेय भाई साहब ने स्थानीय फल एवं अनाज, ऋतुओं के हिसाब से भोजन एवं फल का सेवन, सकारात्मक सक्रिय जीवन शैली, अपथ्य भोजन के विषय में जानकारी साझा की। उन्होंने समग्र चिकित्सा पद्धति, रोगों से बचाव के उपाय और अत्याधुनिक तकनीक के अति प्रयोग से बचने को लेकर अपने विचार व्यक्त किया। जिला संघचालक शरद उपाध्याय जी ने आरोग्य भारती के विस्तार पर अपने विचार व्यक्त किया। आरोग्य भारती काशी प्रांत विभाग संयोजक डॉ गणेश प्रसाद अवस्थी जी ने विषय प्रस्तावना सनातन पद्धति में जीवन जीने की कला एवं यजुर्वेद में वर्णित जीवेम शरदः शतम की व्याख्या। आरोग्य भारती काशी प्रांत सह-सचिव डॉ संदीप श्रीवास्तव जी ने स्वागत परिचय एवं आरोग्य भारती के विभिन्न आयामों पर चर्चा किया एवं विगत वर्ष किए गए कार्यों की जानकारी दी। धन्यवाद ज्ञापन आरोग्य भारती विंध्याचल इकाई के कोषाध्यक्ष डॉ विवेक सिंह जी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं धनवंतरी स्तवन से एवं कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन आरोग्य भारती मिर्जापुर इकाई के सचिव डॉ टी एन द्विवेदी जी ने किया। उक्त कार्यक्रम में विभाग प्रचारक कौशल किशोर जी, काशी दक्षिण से डॉ रवि सिंह जी, नीरज द्विवेदी जी,चंद्र मोहन जी, डॉ अरविंद अवस्थी जी ,मिलन जी, विष्णु मालवीय जी, शिवराम शर्मा जी, सोमेश्वर त्रिपाठी जी, रमेश बाबू गुप्ता जी, गोवेर्धन त्रिपाठी जी आदि उपस्थित रहे।
कुल उपस्थित – 92
