आज कार्यालय में अयोध्या में स्थित रामलला का विग्रह को गढ़ने वाले श्री अरुण योगीराज जी से मिलने का सुखद अनुभव प्राप्त हुआ । आपके द्वारा विग्रह बनाते समय प्राप्त हुए ईश्वरीय अनुभव को सुनकर बहुत ही ख़ुशी हुई । योगीराज जी ने भगवान धन्वन्तरि जी की प्रतिमा को देखकर बहुत ही प्रशंसा किया ।
