भारत की दुनिया में शक्तिशली होने का प्रमाण इसी से लगाया जा सकता है कि जब भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री दुनिया से योग को अपनाने के लिए आह्वाहन करते है तो तुरन्त ही दुनिया के 177 देश इसे स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प लेते हैं। यह भारत, भारत की संस्कृति और भारत की लोक परम्परा की ही जीत है। उक्त विचार केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री संजय सेठ जी ने आरोग्य भारती द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर सामूहिक योग अभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रखी। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पूर्व दिवस पर मध्य प्रदेश योग आयोग के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल मध्य प्रदेश के टी.टी. नगर स्टेडियम में ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ विषय पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजय सेठ जी ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमुल्य धरोहर है जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी संतुलित एवं सकारात्मक बनाता है। उन्होने सभी से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वाहन किया। उन्होने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि मेरे स्वास्थ्य का राज यही है कि मैं स्वयं प्रतिदिन 400 कपालभाती एवं 40 मिनट अनुलोम-विलोम, योग एवं प्राणायाम नियमित करता हूँ। कार्यक्रम सारस्वत वक्ता के रूप में उपस्थित आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय जी ने आरोग्य भारती का परिचय कराते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव, चिन्ता एवं विभिन्न जीवन शैली जनित रोगों से बचाव में सहायक है। साथ ही व्यक्ति के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग जी एवं भोपाल के विधायक श्री भगवानदास सवनानी जी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा जी एवं धन्यवाद ज्ञापन आरोग्य भारती मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं धन्वंतरी स्तवन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रशिक्षित योगाचार्यों के निर्देशन में उपस्थित प्रतिभागियों ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार के कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, सभी विधा के चिकित्सकों, चिकित्सा विद्यार्थियों एवं शहर के अन्य गणमान्य सहित लगभग 5000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में 92 वर्ष की श्रीमती शशि सूद जो स्वयं योग करते हुए योग कक्षाएं चलाती हैं तथा लगातार 12 घंटे तक सूर्यनमस्कार लगाने वाले श्री प्राण पटेल को सम्मानित किया गया। ‘‘योगः कर्मसु कौषलम्’’ तथा ‘‘सर्वे सन्तु निरामयाः’’ के संदेष के साथ शांति मंत्र का पाठ करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।
