आरोग्य भारती हरियाणा का प्रान्त अभ्यास वर्ग 10 अगस्त 2025 को एस जी टी विश्वविधालय के सभागार में आयोजित किया गया। इस वर्ग में लगभग 150 की उपस्थिति रही जिसमे 35 महिलाएं थी।
अभ्यास वर्ग दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के बाद धन्वंतरि जी व भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चातश्री मुकुल जी द्वारा ओम के तीन बार उच्चारण और धन्वंतरि स्तवन के बाद विधिवत रूप से वर्ग शुरू हुआ। उद्घाटन सत्र का संचालन प्रान्त सचिव श्री यशपाल आर्य जी ने सभी अतिथिगणों का स्वागत करते हुए परिचय करवाया। इसके बाद प्रान्त अध्यक्ष डॉ पवन गुप्ता जी ने आरोग्य भारती का संक्षिप्त परिचय दिया। तदोपरान्त उत्तर और राजस्थान क्षेत्र संयोजक श्री संजीवन जी ने अभ्यास वर्ग की प्रस्तावना रखी। इसके बाद राष्ट्रीय सह संगठन सचिव डॉ मुरली कृष्ण जी ने उपस्थित कार्यकर्ताओ को संबोधित किया। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने स्वास्थ्य रक्षा के लिये कार्य करने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि मेजर जनरल ऋतु राज रैना प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता श्री सुभाष सिंघल जी प्रान्त उपाध्यक्ष ने की। सत्र की प्रथम वक्ता डॉ गीता गर्ग जी ने सुपोषण विषय पर व्याख्यान दिया। इस व्यख्यान में उन्होंने ऋतुचर्या और विरुद्ध आहार पर जोर देते हुये शरीर को स्वस्थ और मन को प्रसन्न रखने के लिए आहार कैसा चाहिये इस पर प्रकाश डाला। किस ऋतु में क्या खाना चाहिये इस विषय पर भी डॉ गीता जी ने विस्तारपूर्वक बताया।
सत्र के दूसरे वक्ता डॉ बलकार सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित औषधीय पौधों के सरंक्षण और संवर्धन के उपायों और गुणों पर प्रकाश डाला। सत्र संचालन डॉ सुनंदा ग्रोवर और डॉ रोहिणी ने किया।
अभ्यास वर्ग के दूसरे सत्र में डॉ परमेश्वर अरोड़ा ने जल सेवन की वैदिक विधि पर प्रकाश डाला। कब कैसे और कितना जल ग्रहण करना चाहिये इस विषय पर डॉ परमेश्वर ने विस्तारपूर्वक बताया। इस सत्र के दूसरे वक्ता श्री संजीवन जी ने स्व का जागरण, पर्यावरण, परिवार प्रबोधन, नागरिक कर्त्तव्य आदि विषयों पर प्रकाश डाला। पर्यावरण के सरंक्षण के लिये उन्होंने कई उपाय सुझाये। नागरिक कर्त्तव्य पर बोलते हुए उन्होंने अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों के पालन पर भी जोर दिया। सत्र का संचालन डॉ प्रियदर्शी ने किया। सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ सुरेश नांदल जी ने की।
अंतिम सत्र में जिज्ञाषा समाधान के उपरान्त राष्ट्रीय सह संगठन सचिव डॉ मुरली कृष्ण जी का पाथेय प्राप्त हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मेहनत के साथ निष्ठा पूर्वक कार्य करने की प्रेरणा दी। सम्पूर्ण स्वास्थय के लिये काम करते हुई संगठन को मजबूत करने के लिये भी उन्होंने प्रेरणा दी। चिकित्सा जगत व विविध क्षेत्रों से नये कार्यकर्ताओं को जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस सत्र का संचालन डॉ अतुल गर्ग ने किया। सत्र के अंत मे . प्रान्त अध्यक्ष डॉ पवन कुमार गुप्ता जी ने SGT यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मनमोहन चावला जी का विशेष आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम में सहयोग करने वाले कार्यकर्ता श्री शिवम जी के साथ उनकी टीम का भी धन्यवाद दिया। अंत मे कल्याण मंत्र ओर शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
