दिनांक 7 नवंबर को आरोग्य भारती चंडीगढ़ महानगर द्वारा स्वास्थ्य की चुनौतियां एवम् स्वस्थ जीवन शैली के विषय पर लॉ भवन सेक्टर 37 चंडीगढ़ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय ने अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि अपने स्वास्थ्य की देखभाल आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है, किसी और की नहीं।
2. गरम भोजन के साथ ठंडी चीज़ें कभी न मिलाएँ।
3. प्रतिदिन प्राणायाम करें।
4. अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य — दोनों का ध्यान रखें।
5. हर इलाज आपकी रसोई में ही मौजूद है।
6. सुबह सूर्योदय से पहले उठें और रात को सात बजे से पहले भोजन कर लें।
7. जंक फूड की बजाय घर का बना भोजन अधिक खाएँ।
8. मानसिक शांति के लिए प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) करें।
9. अपनी उम्र और शारीरिक गतिविधि के अनुसार भोजन लें —
युवा और अधिक सक्रिय व्यक्ति तीन बार भोजन करें,
वृद्ध व्यक्ति जिनकी शारीरिक गतिविधि कम है दो बार भोजन करें,
और जो लोग बहुत कम चल-फिरते हैं वे एक बार भोजन करें।
10. रात को सोने से पहले भी अपने दाँत अवश्य ब्रश करें। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है
अपने स्वास्थ्य की देखभाल आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है, किसी और की नहीं। शरीर और मन — दोनों को स्वस्थ रखना जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। प्रतिदिन प्राणायाम करें, ध्यान लगाएँ और सकारात्मक सोच अपनाएँ। सुबह सूर्योदय से पहले उठें, और रात को सात बजे से पहले भोजन कर लें। हमेशा गरम भोजन के साथ ठंडी चीज़ें न मिलाएँ, क्योंकि संतुलन ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है।
आपका हर इलाज आपकी रसोई में ही छिपा है, बस उसे पहचानने की ज़रूरत है। घर का बना ताज़ा भोजन खाएँ और जंक फूड से दूरी बनाएँ। अपनी उम्र और कार्यक्षमता के अनुसार भोजन लें — युवा और सक्रिय व्यक्ति तीन बार, वृद्ध दो बार, और बहुत कम गतिशील व्यक्ति एक बार भोजन करें।
मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन के लिए प्रतिदिन ध्यान करें। और दिन का समापन रात को सोने से पहले ब्रश करके करें, ताकि स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों बरक़रार रहें।
स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें — यही सच्चा जीवन मंत्र है
श्री राकेश आर्या आईजीपी क्राइम हरियाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, श्री संजीवन कुमार राजस्थान एवं उत्तर क्षेत्र संयोजक राष्ट्रीय संयोजक आरोग्य मित्र योजना, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य, करमजीत चौधरी उपाध्यक्ष आरोग्य भारती , प्रोफेसर शिवानी शर्मा सचिव आरोग्य भारती, अनुपम बाहरी संयोजिका पंजाब विश्वविद्यालय, सुरिंदर पाल चौहान चंडीगढ़ व हरियाणा प्रांत प्रचार प्रमुख, डॉ सुनैना, पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के एडवोकेट्स इस संगोष्ठी में उपस्थित रहे।
