राष्ट्रीय होम्योपैथी कार्यशाला ‘‘ अमृतम् ’

आरोग्य भारती के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय होम्योपैथी कार्यशाला ‘‘ अमृतम् ’’ सफलतापूर्वक सम्पन्न

दिनांक 11 जून 2026 को भोपाल के आयुष सभागार में आरोग्य भारती के द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय होम्योपैथी कार्यशाला ‘‘ अमृतम् ’’ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

इस कार्यशाला का उद्घाटन मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के द्वारा सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में आयुष मंत्री जी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि होम्योपैथी एक ऐसी विधा है जो रोगी को स्वस्थ करता ही है साथ ही स्वस्थ व्यक्ति को भी स्वस्थ बना कर रखता है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए-नए शोध हो रहे हैं। स्वास्थ्य के सभी विधाओं को मिलकर काम करने की आवश्कता महसूस हो रही है। यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि आरोग्य भारती इन सभी विधाओं को एक साथ मिलाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में नया आयाम खड़ी कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार भी होम्योपैथी के साथ-साथ आयुष के अन्य सभी विधाओं के विकास के लिए सदैव तत्पर है। इस तरह के कार्यक्रम होते रहना चाहिए। होम्योपैथी के विकास के लिए आरोग्य भारती ने जो राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया है इसके लिए आरोग्य भारती बधाई के पात्र है। इसी सत्र में सारस्वत अतिथि के रूप में राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्‍र जैन ने कहा कि वर्तमान समय में होम्योपैथी नए-नए शोध पर आधारित चिकित्सा पद्धति है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इस विषय पर निरंतर कार्य कर रहा है। विद्यार्थी एवं चिकित्सकों के लिए कई प्रकार की योजनाएं लागू की गई है। मुख्य वक्ता के रूप में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय जी ने आरोग्य भारती का परिचय देते हुए कहा वर्तमान समय में आरोग्य भारती संपूर्ण देशभर के सभी प्रांतों के 92 प्रतिशत जिलों स्वास्थ्य सेवा का कार्य कर रही है। वर्तमान समय में एकीकृत चिकित्सा पद्धति की आवश्‍यता है जिसमें सभी चिकित्सा पद्धति अपनी-अपनी अच्छाइयों का प्रयोग करते हुए रोगी को स्वस्थ करने का कार्य करे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के अवर सचिव डॉ. संजय मिश्रा जी ने मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे आयुष योजनाओं के विषय में अपने विचार व्यक्त किये। इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान कोलकाता के प्राध्यापक डॉ. शिशिर सिंह एकीकृत चिकित्सा पद्धति में होम्योपैथी के द्वारा बच्चों के विकास विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। अहमदाबाद गुजरात के श्री एस.बी. डंगायच जी लोक स्वास्थ्य में होम्योपैथी की भूमिका, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के डॉ. रजत चट्टोपाध्याय एकीकृत स्वास्थ्य व्यवस्था में होम्योपैथी की भूमिका, लखनऊ के डॉ. गिरीश गुप्ता जी शोध एवं प्रमाण आधारित होम्योपैथी दिल्ली के डॉ. बी.एस. जौहरी जी होम्योपैथी के द्वारा गर्भ संस्कार तथा अहमदाबाद के डॉ. शिवांग स्वामिनारायण जी तथा डॉ. भास्कर भट्ट जी ने होम्योपैथी विकास एवं भविष्य विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। इस कार्यशाला में सम्पूर्ण देशभर से 500 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी एवं प्राध्यापक उपस्थित थे।

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