AROGYA BHARTI

“आयुर्वेदिक जीवन शैली, प्राकृतिक आहार विहार, सात्विक विचार सकारात्मक स्वस्थ का आधार: डा०राकेश पंडित “

आरोग्य भारती उत्तराखंड एवं उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रातीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग एवं स्वास्थ्य जीवन संगोष्ठी का आयोजन…


आयुर्वेदिक जीवन शैली, प्राकृतिक आहार विहार, सात्विक विचार सकारात्मक स्वस्थ का आधार: डा०राकेश पंडित


आरोग्य भारती उत्तराखंड एवं उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रातीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग एवं स्वास्थ्य जीवन संगोष्ठी का आयोजन गुरुकुल परिसर स्थित चरक प्रेक्षागृह हरिद्वार, 29 अगस्त 2025 में किया गया।


इस आयोजन में प्रदेशभर के विभिन्न स्थानों एवं संस्थानों से आए आरोग्य भारती के कार्यकर्ताओं,आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, पीजी शोधार्थियों, बीएएमएस छात्रों एवं कार्यालय स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत अतिथि आगमन, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन एवं धनवंतरी बंदना के साथ हुई। आरोग्य भारती परिवार एवं अभ्यास वर्ग का परिचय डॉ. विकास सूर्यवंशी (संगठन सचिव) ने दिया। उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार त्रिपाठी (कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय) एवं मुख्य अतिथि के रूप में डॉ राकेश पंडित राष्ट्रीय अध्यक्ष आरोग्य भारती रहे। सत्र का संचालन प्रो. संजय त्रिपाठी (महासचिव, आरोग्य भारती उत्तराखंड) एवं संयोजक प्रोफेसर बालकृष्ण पवार ने किया।तथा विशेष अतिथि डॉ.ओ पी सिंह (परीक्षा नियंत्रक, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय), प्रोफेसर अवधेश मिश्रा कार्यकारी अध्यक्ष आरोग्य भारती उत्तराखंड तथा डा०राज तायल क्षेत्रीय संयोजक आरोग्य भारती, मंच पर उपस्थित रहे। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश पंडित ने कहा की संपूर्ण स्वास्थ्य को आयुर्वेदिक जीवन पद्धति, आदर्श दिनचर्या ऋतुचार्य का पालन, स्वस्थ वृत्त, अच्छी सोच, सकारात्मक चिंतन द्वारा पाया जा सकता है। उन्होंने ने रोगी से लोग मुक्ति, निरोगी अवस्था, निरोगी अवस्था से आगे स्वस्थ जीवन तथा उससे भी आगे सकारात्मक रूप से स्वस्थ के विचार पर उद्बोधन दिया।उन्होंने कहा रोग से दूर रहने से स्वस्थ और स्वास्थ्य का नेक्स्ट स्टेप वैलनेस है। आरोग्य भारती इलनेस से वैलनेस तथा वैलनेस से पॉजिटिव हैल्थ की ओर ले जाने में जनसामान्य को प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करती है। कुलपति प्रोफेसर डॉ त्रिपाठी ने कहा कोरोना कल के बाद सारी दुनिया इस बात पर एकमत है कि आदर्श जीवन शैली को अपनाना चाहिए। उत्तम स्वास्थ्य के लिए आहार, विहार, निद्रा एवं स्वस्थ जीवन शैली की आवश्यकता है। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डॉ. उत्तम शर्मा ने की। इस सत्र में व्यसन मुक्ति पर डॉ. गरिमा, सुपोषण पर डॉ. अवधेश मिश्रा, स्वस्थ्य जीवन शैली पर डा०राज तायल तथा कुटुंब प्रबोधन पर डॉ. राशि कंडवाल ने प्रभावी व्याख्यान दिए। सत्र का संचालन प्रो. बालकृष्ण पवार द्वारा किया गया। तृतीय सत्र की अध्यक्षता होम्योपैथी के पूर्व निदेशक डॉ विनोद कुमार ने की।मानसिक स्वास्थ्य विषय पर डॉ. डी. के. श्रीवास्तव, तथा स्वस्थ जीवन विषय पर डॉ. बृजेन्द्र सिंह (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शरीर रचना विभाग, एम्स) ने मार्गदर्शन दिया। सत्र का संचालन डॉ. एस.पी. सिंह द्वारा किया गया। चतुर्थ एवं समापन सत्र का विषय योजना, जिज्ञासा समाधान एवं पाथेय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित का रहा। अंत में डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रोफेसर संजय त्रिपाठी (महासचिव, आरोग्य भारती उत्तराखंड), प्रोफेसर बालकृष्ण पवार (संयोजक संगोष्ठी एवं अभ्यास वर्ग), डॉ. विकास सूर्यवंशी (संगठन सचिव, आरोग्य भारती), डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. देवेश शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरिश्चंद्र गुप्ता, राहुल तिवारी, डॉ. मयंक भटकोटी, डॉ राजीव कुरेले, डॉ. गरिमा, डॉ. सौरभ यादव, डॉ शशि कंडवाल, आदि का सक्रिय योगदान रहा। पूरे दिन चले इस स्वास्थ्य विषयक संगोष्ठी एवं अभ्यास वर्ग ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य संरक्षण केवल औषधियों से नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक जीवनशैली, व्यसन मुक्ति, उचित पोषण, मानसिक संतुलन और पारिवारिक संस्कारों के माध्यम से ही संभव है।
यह संगोष्ठी न केवल चिकित्सा जगत के लिए, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हुई।

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