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    Let's Make Your Garden Beautiful And Green!

    भावी दृष्टि (Mission & Vision)

    प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि जीवन भर स्वस्थ एवं सक्षम रहें। कोई भी सरकार या सामाजिक संगठन अलग-अलग या मिलकर भी सभी को स्वस्थ नहीं कर सकते। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। आयुर्वेद में वर्णित ’’आरोग्यम् मम् स्वभावः अधिकारः कर्तव्यम् च’’ स्वस्थ रहना मेरा स्वभाव है मेरा अधिकार और कर्तव्य भी है। सरल भाषा में कहा जाए तो डल भ्मंसजी पे डल त्मेचवदेपइसपजल मेरा स्वास्थ्य मेरा दायित्व है – यह भाव प्रत्येक व्यक्ति में जागृत करना ही प्रमुख लक्ष्य है, जिसको अपने कार्य का प्रथम सोपान कहा जाता है

    – अर्थात् ’स्वस्थ व्यक्ति’। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी परिवार का अंगभूत घटक होने के कारण अगले सोपान अर्थात् ’स्वस्थ परिवार’ को सक्षम बनाना तथा अपने आचरण एवं व्यवहार से परिवार में स्वास्थवर्धक वायुमण्डल तैयार करना उसका सहज स्वाभाविक कर्तव्य है। एक परिवार को स्वस्थ श्रेणी में देखकर अन्य दूसरे परिवारों को भी प्रेरणा मिलती है।

    आरोग्य भारती